प्रयागराज स्थित तीर्थराज संगम स्थल के भजनानंद आश्रम में आयोजित एक दिवसीय विशेष अधिवेशन में लेखिका एवं समीक्षक डॉ. नेहा सिंह राजपूत को उनके शोध विषय श्रीमद्भगवद्गीता के उत्कृष्ट अध्ययन हेतु पीएचडी (डॉक्टरेट) की मानद उपाधि प्रदान की गई। यह सम्मान विद्वानों एवं संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विभिन्न संत-महात्माओं ने डॉ. नेहा सिंह राजपूत के शोध कार्य की सराहना करते हुए इसे भारतीय आध्यात्मिक साहित्य की समृद्ध परंपरा में महत्वपूर्ण योगदान बताया। समारोह के दौरान 21वीं सदी के परिप्रेक्ष्य में श्रीमद्भगवद्गीता की व्याख्या पर आधारित पुस्तक के अंशों का वाचन भी किया गया, जिसे उपस्थित विद्वानों ने सराहा।
कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार संजय सिंह राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. नेहा सिंह राजपूत को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ दीं तथा भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों पर गंभीर अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह के अंत में आशीर्वचन और सम्मान समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह अवसर साहित्य और आध्यात्मिक चिंतन के संगम का साक्षी बना।




