भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ में निषाद समाज के संगठनात्मक विस्तार, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी तथा सामाजिक समन्वय जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से यह प्रस्ताव रखा गया कि छत्तीसगढ़ के निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और निषाद समाज के परिवारों को भी अयोध्या दर्शन यात्रा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाए। इस पहल को सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
संजय सिंह राजपूत जी ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राएं समाज में एकता और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करती हैं। वहीं, श्री नवीन मार्कण्डेय जी के साथ क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समरसता के विषयों पर भी चर्चा हुई।यह मुलाकात पारस्परिक सहयोग और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।